गलत वकील चुन लिया तो केस हार सकते हैं! जानिए सही तरीका
जब भी कोई आम आदमी किसी कानूनी परेशानी में फंसता है, तो सबसे पहले उसके मन में यही ख्याल आता […]
जब भी कोई आम आदमी किसी कानूनी परेशानी में फंसता है, तो सबसे पहले उसके मन में यही ख्याल आता […]
भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार देता है। संविधान के निर्माता भली-भांति जानते
भरण-पोषण (Maintenance) का अर्थ है किसी व्यक्ति की जीवन-निर्वाह की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाने वाली आर्थिक
भारत में न्याय प्रणाली को सरल, सुलभ और किफायती बनाने के लिए लोक अदालत (Lok Adalat) की व्यवस्था की गई
भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें समय-समय पर नागरिकों के कल्याण के लिए नई सरकारी योजनाएँ शुरू करती रहती हैं।
भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली की नींव दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (Code of Criminal Procedure – CrPC) पर आधारित है।
धारा 5 – विवादित तथ्यों और प्रासंगिक तथ्यों पर गवाही किसी भी वाद/मुकदमे में केवल दो प्रकार के तथ्यों पर
कानून किसी भी सभ्य समाज की रीढ़ होता है। यह न केवल लोगों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि
हिंदू कानून हिंदू कानून विश्व का सबसे प्राचीन और सर्वाधिक प्रचलित कानून माना जाता है। यह लगभग 6000 वर्ष पुराना
भारत एक विविध संस्कृति वाला देश है जहां विभिन्न धर्मों के लोगों को अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाज़ों के अनुसार जीवन जीने का